कृष्ण हरिद्रा यानी काली हल्दी : दुर्लभ लेकिन असरकारी जड़ी बूटी

Posted by on Jun 17, 2017 in Astrology indian astrology, black magic spells, Spiritual Healing Service, vashikaran | 0 comments

कृष्ण हरिद्रा यानी काली हल्दी : दुर्लभ लेकिन असरकारी जड़ी बूटी:-

काली हल्दी एक अत्यंत दुर्लभ वनस्पति है जो बहुत कठिनाई से प्राप्त होती है। इसे कचूर या नरकचूर के नाम से भी जाना जाता है। यह बाहर से दिखने में काली होती है लेकिन तोड़ने पर अंदर से हल्की पीली होती है। इसकी सुगन्ध कर्पूर की तरह होती है।

वनस्पति जगत में कई ऐसी दुर्लभ जड़ी-बूटियों का उल्लेख है जिनके पूर्ण विधि-विधान के साथ तांत्रिक प्रयोग में लाने से मनुष्य को आशातीत लाभ प्राप्त होता है। ऐसी ही एक दुर्लभ जड़ी है कृष्ण हरिद्रा अर्थात् काली हल्दी। पीली हल्दी सामान्यत: प्रत्येक घर में प्रयोग में लाई जाती है लेकिन इसके विपरीत काली हल्दी का नाम भी बहुत कम लोगों ने सुना होता है।

रवि-पुष्य या गुरु-पुष्य के शुभ संयोग में काली को हल्दी को प्राप्त कर इसकी षोडषोपचार पूजा करने के उपरांत इसे विधिवत् सिद्ध कर लाल रेशमी वस्त्र में चांदी या स्वर्ण मुद्रा के साथ लपेटकर अपनी तिजोरी में रखने से अपार धन वृद्धि होती है।

काली हल्दी का लंबा सा पत्र होता है जिसमे एक काले रंग की लकीर Line  होती है | इंसान इसे दूर से ही देख के पहचान जाएगी की यह ही काली हल्दी है | लोग कहते है की काली हल्दी का मिलना बहुत मुश्किल है ,लेकिन हमने खुद काली हल्दी को उगाया हुआ है | अगर किसी को देशभर में असली काली हल्दी का पौधा ,पाउडर ,गांठ -जड़ चाहिए हो तो वह हमसे मंगवा सकते है

कहते है की काली के साथ किया हुआ टोटका कभी खाली नहीं जाता है | सिद्ध की हुई काली हल्दी का प्रयोग कर आप जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में लाभ उठा सकते हैं।

काली हल्दी हिन्दू धर्म में काले जादू करने के लिए एक बहुत ही प्रसिद्ध सामग्री है |यह हर प्रकार के टोटको  में काम आती है | यह घर के कामो में उपयोग नहीं आती है |

  1. पूर्वी मनोगत और बुतपरस्त अध्ययनों के मुताबिक यह बंगाल में चमत्कारी मेडिसिनल उपयोगों के कारण बहुत उपयोग में लायी जाती है |साधक इसे माता काली जी की पूजा करने में उपयोग करते है | यह घर में बुरी शक्तियों को प्रवेश नहीं करने देती |इसको ज्यादा बाधायों का नाश करने में उपयोग किया जाता है |

 

रोग नाशक टोटके

 

  1. यदि परिवार में कोई व्यक्ति निरन्तर अस्वस्थ्य रहता है, तो प्रथम गुरूवार को आटे के दो पेड़े बनाकर उसमें गीली चने की दाल के साथ गुड़ और थोड़ी सी पिसी काली हल्दी को दबाकर रोगी व्यक्ति के उपर से 7 बार उतार कर गाय को खिला दें। यह उपाय लगातार 3 गुरूवार करने से आश्चर्यजनक लाभ मिलेगा।
  2. यदि किसी व्यक्ति या बच्चे को नजर लग गयी है, तो काले कपड़े में हल्दी को बांधकर 7 बार उपर से उतार कर बहते हुये जल में प्रवाहित कर दें।

 

ज्योतिष में काली हल्दी का उपयोग

 

  1. किसी की जन्मपत्रिका में गुरू और शनि पीडि़त है, तो वह जातक यह उपाय करें-

 

शुक्लपक्ष के प्रथम गुरूवार से नियमित रूप से काली हल्दी पीसकर तिलक लगाने से ये दोनों ग्रह शुभ फल देने लगेंगे। यदि किसी के पास धन आता तो बहुत किन्तु टिकता नहीं है, उन्हे यह उपाय अवश्य करना चाहिए।

काली हल्दी से प्रसिद्ध टोटके

  1. शुक्लपक्ष के प्रथम शुक्रवार को चांदी की डिब्बी में काली हल्दी, नागकेशर व सिन्दूर को साथ में रखकर मां लक्ष्मी के चरणों से स्पर्श करवा कर धन रखने के स्थान पर रख दें। यह उपाय करने से धन रूकने लगेगा।
  2. यदि आपके व्यवसाय में निरन्तर गिरावट आ रही है, तो शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरूवार को पीले कपड़े में काली हल्दी, 11 अभिमंत्रित गोमती चक्र, चांदी का सिक्का व 11 अभिमंत्रित धनदायक कौड़ियां बांधकर 108 बार

“ऊँ नमो भगवते वासुदेव नमः ”

का जाप कर धन रखने के स्थान पर रखने से व्यवसाय में प्रगतिशीलता आ जाती है।

 

  1. यदि आपका व्यवसाय मशीनों से सम्बन्धित है, और आये दिन कोई मॅहगी मशीन आपकी खराब हो जाती है, तो आप काली हल्दी को पीसकर केशर व गंगा जल मिलाकर प्रथम बुधवार को उस मशीन पर स्वास्तिक बना दें। यह उपाय करने से मशीन जल्दी खराब नहीं होगी।

 

दीपावली के दिन करे यह

8. दीपावली के दिन पीले वस्त्रों में काली हल्दी के साथ एक चांदी का सिक्का रखकर धन रखने के स्थान पर रख देने से वर्ष भर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

 

  1. यदि कोई व्यक्ति मिर्गी या पागलपन से पीडि़त हो तो किसी अच्छे मूहूर्त में काली हल्दी को कटोरी में रखकर लोबान की धूप दिखाकर शुद्ध करें। तत्पश्चात एक टुकड़ें में छेद कर धागे की मद्द से उसके गले में पहना दें और नियमित रूप से कटोरी की थोड़ी सी हल्दी का चूर्ण ताजे पानी से सेंवन कराते रहें। अवश्य लाभ मिलेगा।

 

  1. शुभ दिन में गुरु पुष्य या रवि पुष्य नक्षत्र हो, राहुकाल न हो, शुभ घड़ी में इस हल्दी को लाएँ। इसे शुद्ध जल से भीगे कपड़े से पोंछकर लोबान की धूप की धुनी में शुद्ध कर लें व कपड़े में लपेटकर रख दें। आवश्यकता होने पर इसका एक माशा चूर्ण ताजे पानी के साथ सेवन कराएँ व एक छोटा टुकड़ा काटकर धागे में पिरोकर रोगी के गले या भुजा में बाँध दें। इस प्रकार उन्माद, मिर्गी, भ्रांति और अनिन्द्रा जैसे मानसिक रोगों मे बहुत लाभ होता है।

 

.धन वृद्धि करने के लिए

 

11- .गुरु पुष्य नक्षत्र में काली हल्दी को सिंदूर में रखकर लाल वस्त्र में लपेटकर धूप आदि देकर कुछ सिक्कों के साथ बाँधकर बक्से या तिजोरी में रख दें तो धनवृद्धि होने लगती है।

 

घर की सुरक्षा काली हल्दी से

 

  1. काली हलदी , श्वेतार्क मूल, रक्त चन्दन और हनुमान मंदिर या काली मंदिर में हुए हवन की विभूति गोमूत्र में मिलाकर लेप बनायें और उससे घर के मुख्या द्वार और सभी प्रवेश के दरवाजों के ऊपर स्वास्तिक का चिन्ह बनायें। इससे किसी भी प्रकार की बुरी नज़र, टोना टोटका या बाधा आपके घर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

 

  1. जिस व्यक्ति को बुरी नजर लगी हो या बार बार लगती हो या अक्सर बीमार रहता हो उपरोक्त मिश्रण का तिलक माथे कंठ व् ह्रदय पर करे तो सुरक्षित रहता है।

सौंदर्य प्रयोग :

  • काली हल्दी का चूर्ण दूध में भिगोकर चेहरे और शरीर पर लेप करने से सौन्दर्य की वृद्धि होती है।
  • तंत्र शास्त्र में काली हल्दी बड़े काम की मानी जाती है। काली हल्दी का सही इस्तेमाल किया जाए तो न केवल घर में धन की कभी कमी नहीं रहेगी बल्कि सुख-सम्पन्नता में भी बढोतरी होगी।
    धन प्राप्ति के लिए काली हल्दी यानी हरिद्रा तंत्र की साधना शुक्ल या कृष्ण पक्ष की किसी भी अष्टमी से शुरु की जा सकती है। इसके लिए पूजा सूर्योदय के समय ही की जाती है। सुबह सूर्यादय से पहले उठकर स्नान कर पवित्र हो जाएं। स्वच्छ वस्त्र पहनकर सूर्योदय होते ही आसन पर बैठें। पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। ऐसा स्थान चुनें, जहां से सूर्यदर्शन में बाधा न आती हो। इसके बाद काली हल्दी की गाँठ का पूजन धूप-दीप से पूजा करें। उदय काल के समय सूर्यदेव को प्रणाम करें। आपके समक्ष रखी काली हल्दी की गाँठ को नमन कर भगवान सूर्यदेव के मंत्र ओम ह्रीं सूर्याय नम: का 108 बार माला से जप करें। हरिद्रा तंत्र की नियम-संयम से साधना व्रती को मनोवांछित और अनपेक्षित धन लाभ होता है। रुका धन प्राप्त हो जाता है। परिवार में सुख-समृद्धि आती है। इस तरह एक हरिद्रा यानि हल्दी घर की दरिद्रता को दूर कर देती है।

 

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