कृष्ण हरिद्रा यानी काली हल्दी : दुर्लभ लेकिन असरकारी जड़ी बूटी

Posted by on Jun 17, 2017 in Astrology indian astrology, black magic spells, Spiritual Healing Service, vashikaran | 0 comments

कृष्ण हरिद्रा यानी काली हल्दी : दुर्लभ लेकिन असरकारी जड़ी बूटी:-

काली हल्दी एक अत्यंत दुर्लभ वनस्पति है जो बहुत कठिनाई से प्राप्त होती है। इसे कचूर या नरकचूर के नाम से भी जाना जाता है। यह बाहर से दिखने में काली होती है लेकिन तोड़ने पर अंदर से हल्की पीली होती है। इसकी सुगन्ध कर्पूर की तरह होती है।

वनस्पति जगत में कई ऐसी दुर्लभ जड़ी-बूटियों का उल्लेख है जिनके पूर्ण विधि-विधान के साथ तांत्रिक प्रयोग में लाने से मनुष्य को आशातीत लाभ प्राप्त होता है। ऐसी ही एक दुर्लभ जड़ी है कृष्ण हरिद्रा अर्थात् काली हल्दी। पीली हल्दी सामान्यत: प्रत्येक घर में प्रयोग में लाई जाती है लेकिन इसके विपरीत काली हल्दी का नाम भी बहुत कम लोगों ने सुना होता है।

रवि-पुष्य या गुरु-पुष्य के शुभ संयोग में काली को हल्दी को प्राप्त कर इसकी षोडषोपचार पूजा करने के उपरांत इसे विधिवत् सिद्ध कर लाल रेशमी वस्त्र में चांदी या स्वर्ण मुद्रा के साथ लपेटकर अपनी तिजोरी में रखने से अपार धन वृद्धि होती है।

काली हल्दी का लंबा सा पत्र होता है जिसमे एक काले रंग की लकीर Line  होती है | इंसान इसे दूर से ही देख के पहचान जाएगी की यह ही काली हल्दी है | लोग कहते है की काली हल्दी का मिलना बहुत मुश्किल है ,लेकिन हमने खुद काली हल्दी को उगाया हुआ है | अगर किसी को देशभर में असली काली हल्दी का पौधा ,पाउडर ,गांठ -जड़ चाहिए हो तो वह हमसे मंगवा सकते है

कहते है की काली के साथ किया हुआ टोटका कभी खाली नहीं जाता है | सिद्ध की हुई काली हल्दी का प्रयोग कर आप जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में लाभ उठा सकते हैं।

काली हल्दी हिन्दू धर्म में काले जादू करने के लिए एक बहुत ही प्रसिद्ध सामग्री है |यह हर प्रकार के टोटको  में काम आती है | यह घर के कामो में उपयोग नहीं आती है |

  1. पूर्वी मनोगत और बुतपरस्त अध्ययनों के मुताबिक यह बंगाल में चमत्कारी मेडिसिनल उपयोगों के कारण बहुत उपयोग में लायी जाती है |साधक इसे माता काली जी की पूजा करने में उपयोग करते है | यह घर में बुरी शक्तियों को प्रवेश नहीं करने देती |इसको ज्यादा बाधायों का नाश करने में उपयोग किया जाता है |

 

रोग नाशक टोटके

 

  1. यदि परिवार में कोई व्यक्ति निरन्तर अस्वस्थ्य रहता है, तो प्रथम गुरूवार को आटे के दो पेड़े बनाकर उसमें गीली चने की दाल के साथ गुड़ और थोड़ी सी पिसी काली हल्दी को दबाकर रोगी व्यक्ति के उपर से 7 बार उतार कर गाय को खिला दें। यह उपाय लगातार 3 गुरूवार करने से आश्चर्यजनक लाभ मिलेगा।
  2. यदि किसी व्यक्ति या बच्चे को नजर लग गयी है, तो काले कपड़े में हल्दी को बांधकर 7 बार उपर से उतार कर बहते हुये जल में प्रवाहित कर दें।

 

ज्योतिष में काली हल्दी का उपयोग

 

  1. किसी की जन्मपत्रिका में गुरू और शनि पीडि़त है, तो वह जातक यह उपाय करें-

 

शुक्लपक्ष के प्रथम गुरूवार से नियमित रूप से काली हल्दी पीसकर तिलक लगाने से ये दोनों ग्रह शुभ फल देने लगेंगे। यदि किसी के पास धन आता तो बहुत किन्तु टिकता नहीं है, उन्हे यह उपाय अवश्य करना चाहिए।

काली हल्दी से प्रसिद्ध टोटके

  1. शुक्लपक्ष के प्रथम शुक्रवार को चांदी की डिब्बी में काली हल्दी, नागकेशर व सिन्दूर को साथ में रखकर मां लक्ष्मी के चरणों से स्पर्श करवा कर धन रखने के स्थान पर रख दें। यह उपाय करने से धन रूकने लगेगा।
  2. यदि आपके व्यवसाय में निरन्तर गिरावट आ रही है, तो शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरूवार को पीले कपड़े में काली हल्दी, 11 अभिमंत्रित गोमती चक्र, चांदी का सिक्का व 11 अभिमंत्रित धनदायक कौड़ियां बांधकर 108 बार

“ऊँ नमो भगवते वासुदेव नमः ”

का जाप कर धन रखने के स्थान पर रखने से व्यवसाय में प्रगतिशीलता आ जाती है।

 

  1. यदि आपका व्यवसाय मशीनों से सम्बन्धित है, और आये दिन कोई मॅहगी मशीन आपकी खराब हो जाती है, तो आप काली हल्दी को पीसकर केशर व गंगा जल मिलाकर प्रथम बुधवार को उस मशीन पर स्वास्तिक बना दें। यह उपाय करने से मशीन जल्दी खराब नहीं होगी।

 

दीपावली के दिन करे यह

8. दीपावली के दिन पीले वस्त्रों में काली हल्दी के साथ एक चांदी का सिक्का रखकर धन रखने के स्थान पर रख देने से वर्ष भर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

 

  1. यदि कोई व्यक्ति मिर्गी या पागलपन से पीडि़त हो तो किसी अच्छे मूहूर्त में काली हल्दी को कटोरी में रखकर लोबान की धूप दिखाकर शुद्ध करें। तत्पश्चात एक टुकड़ें में छेद कर धागे की मद्द से उसके गले में पहना दें और नियमित रूप से कटोरी की थोड़ी सी हल्दी का चूर्ण ताजे पानी से सेंवन कराते रहें। अवश्य लाभ मिलेगा।

 

  1. शुभ दिन में गुरु पुष्य या रवि पुष्य नक्षत्र हो, राहुकाल न हो, शुभ घड़ी में इस हल्दी को लाएँ। इसे शुद्ध जल से भीगे कपड़े से पोंछकर लोबान की धूप की धुनी में शुद्ध कर लें व कपड़े में लपेटकर रख दें। आवश्यकता होने पर इसका एक माशा चूर्ण ताजे पानी के साथ सेवन कराएँ व एक छोटा टुकड़ा काटकर धागे में पिरोकर रोगी के गले या भुजा में बाँध दें। इस प्रकार उन्माद, मिर्गी, भ्रांति और अनिन्द्रा जैसे मानसिक रोगों मे बहुत लाभ होता है।

 

.धन वृद्धि करने के लिए

 

11- .गुरु पुष्य नक्षत्र में काली हल्दी को सिंदूर में रखकर लाल वस्त्र में लपेटकर धूप आदि देकर कुछ सिक्कों के साथ बाँधकर बक्से या तिजोरी में रख दें तो धनवृद्धि होने लगती है।

 

घर की सुरक्षा काली हल्दी से

 

  1. काली हलदी , श्वेतार्क मूल, रक्त चन्दन और हनुमान मंदिर या काली मंदिर में हुए हवन की विभूति गोमूत्र में मिलाकर लेप बनायें और उससे घर के मुख्या द्वार और सभी प्रवेश के दरवाजों के ऊपर स्वास्तिक का चिन्ह बनायें। इससे किसी भी प्रकार की बुरी नज़र, टोना टोटका या बाधा आपके घर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

 

  1. जिस व्यक्ति को बुरी नजर लगी हो या बार बार लगती हो या अक्सर बीमार रहता हो उपरोक्त मिश्रण का तिलक माथे कंठ व् ह्रदय पर करे तो सुरक्षित रहता है।

सौंदर्य प्रयोग :

  • काली हल्दी का चूर्ण दूध में भिगोकर चेहरे और शरीर पर लेप करने से सौन्दर्य की वृद्धि होती है।
  • तंत्र शास्त्र में काली हल्दी बड़े काम की मानी जाती है। काली हल्दी का सही इस्तेमाल किया जाए तो न केवल घर में धन की कभी कमी नहीं रहेगी बल्कि सुख-सम्पन्नता में भी बढोतरी होगी।
    धन प्राप्ति के लिए काली हल्दी यानी हरिद्रा तंत्र की साधना शुक्ल या कृष्ण पक्ष की किसी भी अष्टमी से शुरु की जा सकती है। इसके लिए पूजा सूर्योदय के समय ही की जाती है। सुबह सूर्यादय से पहले उठकर स्नान कर पवित्र हो जाएं। स्वच्छ वस्त्र पहनकर सूर्योदय होते ही आसन पर बैठें। पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। ऐसा स्थान चुनें, जहां से सूर्यदर्शन में बाधा न आती हो। इसके बाद काली हल्दी की गाँठ का पूजन धूप-दीप से पूजा करें। उदय काल के समय सूर्यदेव को प्रणाम करें। आपके समक्ष रखी काली हल्दी की गाँठ को नमन कर भगवान सूर्यदेव के मंत्र ओम ह्रीं सूर्याय नम: का 108 बार माला से जप करें। हरिद्रा तंत्र की नियम-संयम से साधना व्रती को मनोवांछित और अनपेक्षित धन लाभ होता है। रुका धन प्राप्त हो जाता है। परिवार में सुख-समृद्धि आती है। इस तरह एक हरिद्रा यानि हल्दी घर की दरिद्रता को दूर कर देती है।

 

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तांत्रिक जड़ी बूटियां – mantra-for-vashikaran

Posted by on Dec 24, 2016 in Astrology indian astrology, Relationship Problems solutions, Spiritual Healing Service, vashikaran, Vashikaran Mantra | 0 comments

vanapstai-55तांत्रिक जड़ी बूटियां – mantra-for-vashikaran तंत्र में अतिप्रचलित कुछ वस्तुएं

तांत्रिक जड़ी बूटियां भाग -1
Tantrik herbs part – 1 इस जड़ी बूटी का दुरपयोग करने पर अल्पायु हो जाता है मनुष्य |इस जड़ी बूटी का रहस्य किसी को नहीं बताना चाहिए | केवल उपयुक्त साधको के लिए ही ये दिया गया है | बाकि लोग एस का प्रोयोग नहीं करे बिना जानकारी के नहीं तो आप संकट मैं आ सकते है || ये देवीय जड़ी है

सहदेवी / Sahadevi – गावों में सहदेई भी कहते हैं एश कलर्ड फ़्लिबिन भी कहते हैं

सहदेवी एक छोटा सा कोमल पौधा होता है जो एक फुट से साढ़े तीन फुट तक की ऊँचाई का होता है। पौधा भले ही कोमल हो पर तंत्र शास्त्र और आयुर्वेद में ये किसी महारथी से कम नहीं है।
अपने दिव्य गुणों के कारण आयुर्वेद के ग्रंथों में इसका उल्लेख्य कोई बड़ी बात नहीं है परन्तु इसमें कई दिव्य गुण हैं जिसके कारण इसे देवी पद मिला और इसका नाम सहदेवी पड़ा। विभिन्न तंत्र शास्त्र और यहाँ तक की अथर्ववेद में भी इसका उल्लेख मिलता है।
आशा है इससे आप इसकी महत्ता समझेंगे।

किसी रवि-पुष्य योग के दिन प्रात: सूर्योदय पूर्व शास्त्रीय विधि पूर्वक एक दिन पूर्व संध्याकाल में निमंत्रण देकर प्राप्त कर लें फिर घर लें आये और पंचामृत से स्नान कराकर उसकी विधिवत षोडशोपचार पूजा करें।

पूजन मन्त्र इस प्रकार है

“ॐ नमो भगवती सहदेवी सदबलदायिनी सर्वंजयी कुरु कुरु स्वाहा।”

तंत्र-सिद्धि में सहदेवी का पोधा विभिन कार्यो मे प्रयुक्त होता है l

यदि कोई विशेष प्रयोजन न हो तो उपरोक्त विधि से पूजित पौधे के स्वरस में शुद्ध केसर और शुद्ध गोरोचन मिलाकर गोली बना कर सुरक्षित रख लें। जब कभी आवश्यकता हो गंगाजल में घिस कर उसका तिलक करें। ये चमत्कारी प्रभाव और सर्वत्र विजय देने वाला जगत मोहन प्रयोग है।

1. शांति, धन-धान्य-व्यापार वृद्धि के लिए :-

A. विधिवत सिद्ध की हुई जड़ को लाल वस्त्र में लपेट कर तिजोरी मे रखने से अभीष्ट धन-वृद्धि होती है l

B. रसोई अनाज भंडार में शुद्ध स्थल पर स्थापित करने से अन्न परिपूर्ण रहता है।

C. घर के मंदिर में स्थापित कर नित्य प्रणाम करने से घर में शांति रहती है।

2. विवाद विजय

यदि किसी प्रकार के विवाद में फंस जाएँ और निर्णय के लिए जाना हो तो इसकी विधिवत सिद्ध की हुई जड़ को धारण करने पर निश्चित ही विजय प्राप्त होती है।

3. प्रभाव-वृद्धि:-

पंचाग का चुर्ण तिलक की भाति मस्तक और जिह्वा पर लगा कर कही जाए तो दर्शको पर विशेष प्रभाव पड़ता हैl सब लोग इसको सम्मान की दृष्टी से देखते और सुनते है l

4. मोहन प्रयोग `:-

A. इस पौधे की जड़ का अंजन लगाने से दृष्टी मे मोहक-प्रभाव उत्पन्न होता है l

B. तुलसी-बीजचूर्ण तु सहदेव्य रसेन सह। रवौ यस्तिलकं कुर्यान्मोहयेत् सकलं जगत्।।

तुलसी के बीज के चूर्ण को सहदेवी के रस में पीस कर तिलक के रूप में उसे ललाट पर लगाएं। उससे उसको देखने वाले मोहित हो जाते हैं।

C. अपामार्गों भृङ्गराजो लाजा च सहदेविका। एभिस्तु तिलकं कृत्वा त्रैलोक्यं मोहयेन्नरः।।

अपामार्ग-ओंगा, भांगरा, लाजा, धान की खोल और सहदेवी इनको पीस कर उसका तिलक करने से व्यक्ति तीनों लोकों को मोहित कर लेता है।

इन प्रयोगों की सिद्धि के लिए अग्रिम दिए हुए मंत्रों के दस हजार जप करने से लाभ होता है।

 मन्त्र – 

”ॐ नमो भगवते रुद्राय सर्वजगन्मोहनं कुरु कुरु स्वाहा।“

                                                                                                     अथवा

                         ”ॐ नमो भगवते कामदेवाय यस्य यस्य दृश्यो भवामि यश्य यश्य मम मुखं पश्यति तं तं मोहयतु स्वाहा।”

5. वशीकरण प्रयोग :

A. गृहीत्वा सहदेवीं च छायाशुष्कां च कारयेत्। ताम्बूलेन च तच्चूर्ण सर्वलोकवशंकरः।।

सहदेवी को छाया में सुखाकर उसका चूर्ण बना लें तथा उसे पान में डाल कर खिलाएं तो सभी का वशीकरण हो जाता है।

B. रोचना सहदेवीभ्यां तिलकं लोकवश्यकृत्।

गोरोचन और सहदेवी को मिलाकर उसका तिलक करने वाला सब को वश में कर लेता है।

वशीकरण मंत्र
”ॐ नमो नारायणाय सर्वलोकान् मम वशं कुरु कुरु स्वाहा।“

एकलक्षजपान्मन्त्रः सिद्धो भवति नान्यथा। अष्टोत्तरशतजपात् प्रयोगे सिद्धिरुत्तमा।। एक लाख जप से यह मंत्र सिद्ध होता है और प्रयोग के समय इस मंत्र का 108 बार जप करके प्रयोग करने से सफलता मिलती है।

6. शत्रु स्तम्भन प्रयोग:

A. ‘‘ऊँ नमो दिगंबराय अमुकस्य स्तंभन कुरु कुरु स्वाहा।

अयुत जपात् मंत्रः सिद्धो भवति। अष्टोत्तर शत जपात् प्रयोगः सिद्धो भवति।

उपर्युक्त मंत्र का दस हजार जप करने से मंत्र सिद्ध होता है और आवश्यकता होने पर एक सौ आठ बार जप करने से मंत्र सिद्ध हो जाता है। मंत्र – ‘अमुकस्य’ के स्थान पर जिसके आसन पर स्तंभन करना हो उसका नाम लेना चाहिए।

B. अपामार्ग और सहदेई को लोहे के पात्र में डालकर पींसें और उसका तिलक मस्तक पर लगाएं। अब जो भी देखेगा उसका स्तंभन हो जाएगा।

C. भांगरा, चिरचिटा, सरसों, सहदेई, कंकोल, वचा और श्वेत आक इन सबको समान मात्रा में लेकर कूटें और सत्व निकाल लें। फिर किसी लोहे के पात्र में रखकर तीन दिनों तक घोटें। अब जब भी उसका तिलक कर शत्रु के सम्मुख जाएंगे, तो उसकी बुद्धि कुंठित हो जाएगी।

7. अग्नि स्तम्भन

सहदेवी, घृतकुमारी और आक के रस को मिलाकर लेपन करने से अग्नि स्तंभित होती है। उक्त मिश्रण को हाथ में लगाकर यदि अग्नि में भी हाथ डाल दें तो हाथ नहीं जलेगा। ऐसा तंत्र ग्रंथों में वर्णित है।

8. आयुर्वेद

a . इसकी जड़ को भुजा में बाँधने से विभिन्न व्याधियां और रोग स्वतः नष्ट हो जाते हैं।

b. सहदेवी पौधे की जड़ के सात टुकड़े करके कमर में बांधने से अतिसार रोग मिट जाता है।

c. सहदेवी का पौधा नींद न आने वाले मरीजों के लिए सबसे अच्छा है . इसे सुखाकर तकिये के नीचे रखने से अच्छी नींद आती है

d. इसके नन्हे पौधे गमले में लगाकर सोने के कमरे में रख दें . बहुत अच्छी नींद आएगी .

e. यह बड़ी कोमल प्रकृति का होता है . बुखार होने पर यह बच्चों को भी दिया जा सकता है . इसका 1-3 ग्राम पंचांग और 3-7 काली मिर्च मिलाकर काढ़ा बना कर सवेरे शाम लें . यह लीवर के लिए भी बहुत अच्छा है .

f. अगर रक्तदोष है , खाज खुजली है , त्वचा की सुन्दरता चाहिए तो 2 ग्राम सहदेवी का पावडर खाली पेट लें .

g. अगर आँतों में संक्रमण है , अल्सर है या फ़ूड poisoning हो गई है , तो 2 ग्राम सहदेवी और 2 ग्राम मुलेटी को मिलाकर लें

h. अगर मूत्र संबंधी कोई समस्या है तो एक ग्राम सहदेवी का काढ़ा लिया जा सकता है .

i. कंठमाला रोग में इसकी जड़ गले में बांधने से शीघ्र रोग मुक्ति होती है।

j. किसी कटे हुए स्थान पर इसका रस लगते ही खून बंद हो कर घाव अच्छा हो जाता है।

9. संतान-लाभ :-

a. यदि कोई स्त्री मासिक-धर्म से पांच दिन पूर्व तथा पांच दिन पष्चात तक गाये के घी मे सहदेवी का पंचाग सेवन करे तो अवश्य गर्भ सिथर होता है l

b. इसको दूध में पीस कर नस्य लेने से स्वस्थ संतान पैदा होती है।

10. प्रसव-वेदना निवारक :-

इसकी जड़ तेल मे घिसकर जन्नेद्रिये पर लेप कर दें l अथवा स्त्री की कमर मे बांध दें , तो वह प्रसव-पीढा से मुक्त हो जाती हैं l

11. पथरी
गुर्दे की पथरी में इसके स्वरस को 4-5 पत्ते तुलसी के रस और भूमि आंवला के रस के साथ नियमित रूप से एक सप्ताह लेने पर पथरी स्वयं टूट कर बाहर आ जाती है।

मित्रों, ये तो बस झलक मात्र है इसके अनेकों प्रयोग हैं जिन्हें एक लेख में समेट पाना सम्भव नहीं है।

सबसे जरुरी ये है की आप इसके पौधे को पहचानते हों। यदि न मालूम हो तो किसी जड़ी बूटी के जानकार व्यक्ति या माली की मदद से खोज लें।
क्यूंकि इससे मिलते जुलते दर्जनों पौधे हैं और गलत पौधे पर मेहनत करने का कोई लाभ नहीं होगा।

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Love Back

Posted by on Apr 13, 2016 in vashikaran, Vashikaran Mantra | 0 comments

Love vashikaran mantra

Love Back By Vashikaran :

Acharya Harish Chandra Ji is a great known expert in the field of Tewa reading, jadu-toan, reading and matching palmistry, marriage vashikaran, black magic, tantra-mantra, vaasthu, kaal gyan, sammohan sadhanas, kundali making etc, he is here to provide you systematic remedies, permanent solutions to all of your astrological and metaphysical problems. He can bring new peace, prosperity and happiness in your life with these customized solutions. It is a mystical gift bestowed by rishis and sages, this mystical eastern arts is been using since ages. Elementary principles of these mysterious sciences, which seem to be prevailing universally, but the laws associated with these sciences are so elusive that an ordinary mind is unable to interpret or understand without right guidance. At here he unveils these forbidden sciences not only from the view point of traditional and scriptural formulations, but also from depth perspectives to make the subject relevant to our times. We must have peace and happiness in life, and to achieve the same we work hard.

But we do not get in return to the proportions of our labor. When these are performed we get very little even after best of our efforts. We get to toil to get success in our business but the profits are too little. We don’t want any discontentment or discord in our family life. But in spite of our best efforts, the peace and tranquility of our family is disturbed.On the other hand people work very little, but get too much in return; businessmen have ample wealth just by putting in little efforts. But we are disappointed even after continuous efforts. It leads us to conclude that there are some evil forces which make our strategies unsuccessful. In order to overcome this struggle s some practices is in dispensable, such as art is only known to those expert scholars who have performed sadhana and attained siddhi. So is he and he will guide you in respect. His aim is to make your life happy, to make your life trouble free, so that you can move forward continuously and overcome the hurdles in the journey of life..

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Chhinnmasta Devi Mantra for love back :- (OM shreem hreem kleem aim vajra vairo chaniye hoom hoom phat swaha.)

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Vashikaran for Love

Posted by on Apr 13, 2016 in vashikaran, Vashikaran Mantra | 0 comments

slider-1Greatest astrologer & powerful VashiKaran specialist Acharya Harish Chandra ji I have solved all types of problems through My astrology, and my all magical, And Spiritual abilities as Example as education, business loss, husband wife relationship, court case, love marriage, lost love, money problem, tour travel, job with my hard tantrummantra Skills. ONE CALL CHANGE YOUR LIFE Just a Single Call and Solve your Problem swami ji is the most famous indian astrologer love marriage vashikaran specialist baba. if you have any problem with marriage life so dont worry Acharya Harish Chandra ji give you solution of your relationship problem…

In the early ages occult knowledge was imparted openly, as the sciences are taught in our colleges now. But in the course of time many allowed their selfishness to rule and so abused their power that it became necessary to withhold such knowledge from the unworthy. Centuries ago, men understood and controlled forces of unbelievable power. Today little is known about the uses of such dark enchantments. In fact, most of what survives, such as Astrology, Crystals, and Tantra is so watered-down as to be practically meaningless. The true origins of most New Age rituals are unknown to most modern-day practitioners, lost over the centuries as such wisdom became more and more shrouded in secrecy. Those with the knowledge and power weren’t willing to share it .
The Attraction towards the subject of Occult Sciences is not just restricted to knowing about the future of one’s life (like Astrology, Tarot,Numerology etc) but, there are many other hidden aspects to it. Since last several years  we as a group are  actively involved and dedicated our life to master such forbidden arts.

We aim to offer a very rare insider’s peek at the world of an ancient tradition of yogis, sages and tantrics, with a highly esoteric knowledge that is not available to all. Vashikaran. Orgaims to offer you insights into the Mystical realms of Tantra and attempts to uncover the esoteric rituals which were shrouded under secrecy…

1. Kamakshi Devi Vashikaran Mantra to get your love back

Om namoh kamakshi devi (Amuk) mam priy/priya may vashyam kuru kuru swaha.

2. Kamdev Vashikaran Mantra

ॐ नमः काम-देवाय। सहकल सहद्रश सहमसह लिए वन्हे धुनन जनममदर्शनं

उत्कण्ठितं कुरु कुरु, दक्ष दक्षु-धर कुसुम-वाणेन हन हन स्वाहा

विधि- कामदेव के उक्त मन्त्र को तीनों काल, एक-एक माला, एक मास तक जपे, तो सिद्ध हो जायेगा। प्रयोग करते समय जिसे देखकर जप करेंगे, वही वश में होगा।

If you love your boyfriend very much. He loved you too but all of a sudden, he has changed now. He does not pick your calls or reply your messages. He does not want to meet you. Any other female is there who snatched him from you. Gradually, he is going away from you. Now you think what happened to the love or promises, we made to each other. You want to marry him but he is not ready to get married with you. Use the following mantra to bring him under your control.

All such types of problems are solved by casting Vashikaran on the target. Acharya Harish Chandra ji cast powerful love-spells on the target on behalf of you. He performs the required worship or puja, yajna or homan to bring your lover back. Many people are benefited and got success. Acharya Harish Chandra ji uses both Hinduism and Islamic ways to sort out the issue. Voodoo spells are also done on special demands. He makes powerful and energized yantra, taweez, tilak, gande, rosary and other ritual items to make you successful in love.

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